नमन करें श्री चित्रगुप्त की
धर्मगुप्त की मन से
वरदान वो देंगे कर से.....
ब्रह्माप्रिया के पुत्र कहाये
मंगलकर्ता बनकर आये
संकट हरते सद्गुण देते
हरते तम जीवन से,
वरदान वो देंगे कर से.....
पूर्ण मनोरथ करने वाले
इच्छित फल वो देनेवाले
विद्या बुद्धि वैभव देते
लिखते कर्म कलम से,
वरदान वो देंगे कर से.....
रुप चतुर्भुज श्यामल मूर्ति
तीनों लोक में फैले कीर्ति
जो भी उनके शरण में आते
भक्ति भाव चिंतन से,
वरदान वो देंगे कर से.....
नमन करें श्री चित्रगुप्त की..
भारती दास✍️
सुन्दर
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सर
Deleteश्री चित्रगुप्ताय नमः
ReplyDeleteधन्यवाद सर
ReplyDeleteयह भक्ति रचना मन को तुरंत श्रद्धा के भाव से भर देती है। आप श्री चित्रगुप्त को कर्म, बुद्धि और न्याय के प्रतीक रूप में बहुत सहज ढंग से सामने रखते हो। मुझे कलम और कर्म वाला बिंब खास लगा, क्योंकि वह जीवन की जिम्मेदारी याद दिलाता है।
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