तेरी महिमा गाये पुराण
मैं मूढ़ मति भगवान
तेरी महिमा गाये पुराण।
तुम अंजनी के पूत प्यारे
तुम वैदेही के दुलारे
तुम रामदूत हनुमान
तेरी महिमा गाये पुराण।
तुम कालनेमि संहारक
तुम रावण दर्प विदारक
तुम सेवक प्रिय सुखधाम
तेरी महिमा गाये पुराण।
तुम बुद्धि बल के आगर
तुम लाँघ गए थे सागर
तुम वायु पुत्र बलवान
तेरी महिमा गाये पुराण।
तुम भक्तों के उपकारी
तुम तुलसी के हितकारी
तुम शंकर के अभिमान
तेरी महिमा गाये पुराण।
भारती दास ✍️