Thursday, 29 January 2026

प्रगति पथ के कर्मवीर को

 प्रगति पथ के कर्मवीर को

कोई रोक नहीं सकता है 

प्रयास रत वह हरदम रहता 

श्रम को श्रम से जोड़ ही लेता।

कोई भी काम अचानक नहीं होता 

संघर्ष निरंतर करना पड़ता 

भ्रम प्रवंचना चलता रहता 

अवसर को सौभाग्य बनाता।

उसी का मस्तक उज्जवल दिखता 

विश्वास जिसका सुमंगल होता 

आशा की आलोक दिखाकर 

धैर्य शस्त्र रखने को कहता।

उद्यम करनेवाला ही तो 

सुंदर राह पर चलता है 

एक क्षण भी व्यर्थ न जाए

काम नेक करता रहता है।

श्रेय पथ पर चलकर ही 

निज आत्मबल को बढ़ाता है 

श्रेष्ठ व्यक्तित्व का स्वामी बनकर

सबके दिलों में बस जाता है।

माँ शारदे शक्ति सबल दे

उस व्यक्ति को मति विमल दे

सदय हृदय में शब्द विरल दे

सद्विचार सुंदर निश्छल दे।

भारती दास ✍️

Tuesday, 20 January 2026

जय ज्ञानदा वर्णेश्वरी


नमामि नित्यम विद्यादायिनी

जय शारदे जय सरस्वती 

ब्रह्मचारिणी-ब्रह्मवादिनी 

जगव्यापिनी जय भारती 

भय-विनाशिनी आर्त-नाशिनी

मंजू मुख जय भगवती 

पद्मवासिनी-वीणाधारिणी

जय कुमुदी वागेश्वरी

हंसवाहिनी-मधुरहासिनी

ब्रह्माप्रिया जय विशालाक्षी 

वर प्रदायिनी सर्व दायिनी

जय ज्ञानदा  वर्णेश्वरी

भजामि नित्यम सौभाग्य दायिनी 

जय चंद्रिका परमेश्वरी।

भारती दास ✍️