Friday, 13 February 2026

याद रखेगा हिन्दुस्तान

 

वह दुखद घड़ी थी

विचलित पल था 

हृदय-हृदय में 

क्षोभ प्रबल था।

निर्दयता और 

क्रूरता के साथ 

था पुलवामा 

हमले का घात।

वीर जवानों को 

मारा असुर था 

दुर्दांत दस्यु का

चरम कहर था।

सात साल हो

गये हैं पूरे 

देश ने चालीस 

जवान थे खोये।

छल से उनकी 

ली थी जान

याद रखेगा 

हिन्दुस्तान।

दिल में कसक है 

टीस दर्द का

मुरझा गया था 

शैशव गृह का।

प्रेम का उत्सव 

मनाये आज

वीर शहीदों को 

करके याद।

उनके अनुदान से

है यह देश सुरक्षित 

उनको भावपूर्ण 

श्रद्धा है अर्पित।

भारती दास ✍️