BHARTI DAS

Sunday, 4 September 2016

वंदन शैलसुता सुत गणपति

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वंदन शैलसुता सुत गणपति सकल मनोरथ कामना पूर्ति...... एकदंत गजबदन विनायक संकटनाशक जय गणनायक बुद्धिश्रेष्ठ दो निर्मल बुद्ध...
Sunday, 28 August 2016

नव सृजन अब दूर नहीं है

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बीज निकलकर पौधे बनते पौधे बन जाते हैं पेड़ सहज प्रक्रिया चलती रहती परिवर्तन की साँझ-सवेर. सूरज ढलता शाम है आती रात गुजरती होत...
Sunday, 14 August 2016

नमामि भूमि वत्सले

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आजादी के शुभ - दिवस पर केसरिया रंगों में सजकर वादे के गुच्छों को सजाकर मर मिटने की कसमें खाकर हर्षित होते अतिथि विशेष कहते ...
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About Me

Bharti Das
मेरा नाम भारती दास है ,मै बिहार मधुबनी जिले की रहनेवाली हूँ .पति गुजरात गांधीनगर में कार्य करते है पंद्रह वर्ष से गुजरात में हूँ .फिलहाल एक विद्यालय में काम करती हूँ .
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